भारत सरकार ने लगाई रोक, अब इन एप्लीकेशंस से नहीं हो सकेगी विडियो-कॉलिंग
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अगर आप भी वॉट्सएप, गूगल दुओ, इमो या स्काईप का इस्तेमाल वीडियो कॉलिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं तो आप को झटका देने वाली खबर है। दरअसल दूरसंचार विभाग ने इंटरनेट टेलीफोनी के नियमों को संशोधन किया है। इस नए संशोधन नियम के मुताबिक वीडियो कॉलिंग की इजाजत सिर्फ टेलीकॉम कंपनियों की ही होगी। इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को अपना एक अलग से वीडियो कॉलिंग ऐप लॉन्च करना होगा। सरकार ने कहा कि दूरसंचार के लिए लाइसेंसी कंपनियों को ही वीडियो कॉलिंग सुविधा देने की इजाजत होगी। यानी देश भर की टेलीकॉम कंपनियां ही यह सुविधा दे सकेंगी। इस तरह से आप वॉट्सएप,गूगल दुओ और स्काईप पर वीडियो कॉलिंग नहीं कर पाएगे।

सरकार के एक नए नियम अनुसार भारत की सभी टेलीकॉम कंपनियों में से लाइसेंसधारी कंपनियां ही यह सुविधा दे सकेंगी। इसके लिए आपको अलग से एक टर्मिनेशन चार्ज देना होगा आपको बता दें कि जिस कंपनी के नेटवर्क पर कॉल आती है उसे दूसरी कंपनियों की ओर से टर्मिनेशन चार्ज मिलता है। फिलहाल ट्राई ने देश में कॉलिंग के लिए 6 पैसे और अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग के लिए 30 पैसे प्रति मिनट का चार्ज तय कर रखा है, यहीं 2020 तक इसे खत्म करने का भी प्रस्ताव चल रहा है।

अब गौर करने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार ने इंटरनेट टेलीफोनी यानी मोबाइल से सिम की गैरमौजूदगी में पब्लिक वाईफाई के जरिए कॉल करने वाली व्यवस्था को हरी झंडी प्रदान की है इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। ग्राहकों को अब कंपनी ऐप के जरिए टेलीफोनी सेवाएं मुहैया कराई जा सकेंगी। दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा सुझाई गई इस तकनीक में अब सिम की आवश्यकता को खत्म किए जाने की बात कही गई है। जिससे सिग्नल के बिना भी मोबाइल पर वाई फाई का प्रयोग करते हुए काल की जा सकेगी।
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अगर आप भी वॉट्सएप, गूगल दुओ, इमो या स्काईप का इस्तेमाल वीडियो कॉलिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं तो आप को झटका देने वाली खबर है। दरअसल दूरसंचार विभाग ने इंटरनेट टेलीफोनी के नियमों को संशोधन किया है। इस नए संशोधन नियम के मुताबिक वीडियो कॉलिंग की इजाजत सिर्फ टेलीकॉम कंपनियों की ही होगी। इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को अपना एक अलग से वीडियो कॉलिंग ऐप लॉन्च करना होगा। सरकार ने कहा कि दूरसंचार के लिए लाइसेंसी कंपनियों को ही वीडियो कॉलिंग सुविधा देने की इजाजत होगी। यानी देश भर की टेलीकॉम कंपनियां ही यह सुविधा दे सकेंगी। इस तरह से आप वॉट्सएप,गूगल दुओ और स्काईप पर वीडियो कॉलिंग नहीं कर पाएगे।

सरकार के एक नए नियम अनुसार भारत की सभी टेलीकॉम कंपनियों में से लाइसेंसधारी कंपनियां ही यह सुविधा दे सकेंगी। इसके लिए आपको अलग से एक टर्मिनेशन चार्ज देना होगा आपको बता दें कि जिस कंपनी के नेटवर्क पर कॉल आती है उसे दूसरी कंपनियों की ओर से टर्मिनेशन चार्ज मिलता है। फिलहाल ट्राई ने देश में कॉलिंग के लिए 6 पैसे और अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग के लिए 30 पैसे प्रति मिनट का चार्ज तय कर रखा है, यहीं 2020 तक इसे खत्म करने का भी प्रस्ताव चल रहा है।

अब गौर करने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार ने इंटरनेट टेलीफोनी यानी मोबाइल से सिम की गैरमौजूदगी में पब्लिक वाईफाई के जरिए कॉल करने वाली व्यवस्था को हरी झंडी प्रदान की है इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। ग्राहकों को अब कंपनी ऐप के जरिए टेलीफोनी सेवाएं मुहैया कराई जा सकेंगी। दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा सुझाई गई इस तकनीक में अब सिम की आवश्यकता को खत्म किए जाने की बात कही गई है। जिससे सिग्नल के बिना भी मोबाइल पर वाई फाई का प्रयोग करते हुए काल की जा सकेगी।
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